Monday, 29 January 2018

क्या ही अच्छा हो

जो नाच कहूँ हर बात,
तो यारों क्या ही अच्छा हो.  
छुट्टी जोहे हमारी बाट,
तो सोचो क्या ही अच्छा हो.  
बकरों साथ पढ़ें हम बच्चे,
तो क्या ही अच्छा हो.  
हम घास चरें वो पर्चे,
तो क्या ही अच्छा हो. 


First published in Jankipul, 18 Feb 2016.



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